निजीकरण से जनता को क्या नुकसान होगा
Authore by Deepak yadav किसी क्षेत्र या उद्योग के स्वामित्व को जब सरकारी हाथों से लेकर निजी हाथों में सौंपा जाता है, तब वह निजीकरण कहलाता है। इसका मुख्य उद्देश्य किसी प्रदेश विशेष की अर्थव्यवस्था को मज़बूत करना होता है। हाल के दिनों में यह प्रयोग भारतीय रेलवे के साथ करने की भी कोशिशें हुई हैं, जिसने कुछ वर्गों को आक्रोशित करने का कार्य किया है, जबकि कुछ एक वर्ग सरकार के इस कदम से प्रभावित भी हुए हैं। देश की अर्थव्यवस्था से लेकर आम जन-जीवन को यह कैसे प्रभावित करेगा यह समझना ज़रूरी है। देश के लिए यह निजीकरण कितना अच्छा है या कितना बुरा है इसपर विचार करना आवश्यक है। 8 मई 1845 को स्थापित किया गया भारतीय रेलवे आज विश्व का चौथा सबसे बड़ा रेलवे नेटवर्क है। भारतीय अर्थव्यवस्था में सबसे बड़ा सहयोग इसी क्षेत्र का है परंतु आज सरकार को इस क्षेत्र को निजी हाथों में सौंपना बेहतर नज़र आ रहा है। इसकी शुरुआत हाल के दिनों में पूर्ण रूप से निजी कंपनी द्वारा चलाई गई तेजस एक्सप्रेस से हुई, जिसमें दिए गए सुख-सुविधाओं कई लोग इस निजीकरण का कर रहे हैं विरोध इस बात की स...
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